शज़र का पत्थर बांदा की पहचान (Shazar: Shajar The Identity of Banda City)

प्रकृति ने हमेशा से ही मनुष्य को अपने बेशकीमती उपहारों से नवाज़ा है, जिनको देख कर मनुष्य स्तब्ध रह जाता है। इनमे एक अजूबा शज़र पत्थर भी है, जो अपने अन्दर अद्वितीय प्राकृतिक छटाओं को संजोये हुये है।

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यह पत्थर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की केन नदी में पाया जाता है। शज़र की पहचान वास्तव में लगभग 400 साल पहले अरब से आये लोगो ने की थी और फारसी भाषा मे इसका अर्थ है पेड़, इन पत्थरों में फूल पत्तियां व दृष्यावलियां प्राकृतिक रूप सी बनी हुई मिलती हैं और शायद इसीलिये इसे शज़र का नाम दिया गया है।

शज़र ए ग्रेड (A Grade) का सबसे कीमती और मज़बूत पत्थर है और इसका प्रयोग आभूषणों व कीमती कलाकृतियों को बनाने में किया जाता रहा है, और अब इसे राष्ट्रीय धरोहरों के माडल इत्यादि बानाने में इस्तेमाल किया जा रहा है जिनको राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक हस्त शिल्पकला पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय बाज़ारो में शज़र पत्थर और इससे बनने वाली कलाकृतियों की काफी मांग है लेकिन फिर भी इस उद्योग से जुडे कारीगर तंगहाली का शिकार  हैं, क्योंकि काफी सख्त मेहनत के बाद भी उन्हें उचित मेहनताना नही मिल पाता है और सारा मुनाफा बिचौलिये खा जाते हैं।

स्थानीय कारीगरों का कहना कि ये लोग इनसे शज़र पत्थर को बहुत सस्ते दामों में खरीद कर 50 से 100 गुना दामों में बेंचते हैं। यही कारण है कि इस व्यवसाय से जुडे अधिकतर कारीगरों ने अपना धंधा बंद कर दिया है और जो बचे हैं वो भी इस व्यवसाय से पीछे हट रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध शज़र पत्थर का व्यवसाय अब बांदा से लुप्त होने की कगार पर है क्योंकि सरकार इससे जुडे लोगों को प्रोत्साहित करने का कोई भी प्रयास नही कर रही है। यदि यही स्थिति रही तो शज़र का नाम इतिहास के पन्नों मे गुम हो कर रह जायेगा।

Shazar is the identity of Banda City (Uttar Pradesh) it was actually discovered about 400 years ago. Shazar is also known as Dendrite Augite in English and found exclusively in Banda's Ken River. Specialty of the Shazar is its colorful patterns flowers, leaves, trees, mountains & animals etc. There is a scientific process behind formation of images on Shazar stone. Actually, the patterns we see on shazar are nothing but entrapped fossils of fungus( basically algae). A fungus, which is entrapped between two or more pieces of shazar stone, produces either acid or base. This acid/base makes the stones translucent and acts as an inorganic glue which coagulates the separate stones to one. The fossils of fungus left inside the stones look like patterns of leaves or trees and add beauty to the stone.

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International Language Names of Shazar Stone


  • Hindi: शज़र का पथ्थर

  • Persian: شذر سنگ

  • Arabic: شازار الحجر

  • Chinese: 沙扎入 石

  • Japanese: 射座r 石

  • Urdu: پتھر شذر